जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से शुक्रवार शाम 5:30 बजे जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:12 बजे बदरीनाथ धाम से सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी। दोपहर करीब दो बजे चाई गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमें बचाव अभियान के लिए रवाना की गईं। सेना की नौवीं स्वतंत्र माउंटेन ब्रिगेड के अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर मृतकों की सूची जारी की गई।
दुर्घटना में पायलट हिमांशु सभरवाल की मौत हुई है। हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्रियों की पहचान अरुण सालुंके, एचएस नटराज, प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजन, सुधीर के. और शंकरगौड़ा वीबी के रूप में हुई है। सभी पांच यात्री कर्नाटक के निवासी बताए गए हैं।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के अनुसार, हेलीकॉप्टर का कॉल साइन वीटी-एचसीएक्स था। बदरीनाथ से सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने के बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका संपर्क टूट गया था। ट्रैकिंग प्रणाली से भी उसकी लोकेशन का पता नहीं चल सका।
घटना के बाद प्राधिकरण ने एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सेना और अन्य बचाव दलों ने चाई गांव के पास दुर्घटनास्थल तक पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे में छह लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दुर्घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और राहत से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने को कहा है।
राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने भी दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।















