भोपाल, 30 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए संचालित स्वामित्व योजना के तहत अब तक 10 लाख 89 हजार 565 रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। इसके माध्यम से ग्रामीण आबादी भूमि पर बने मकानों और भूखंडों के स्वामित्व दस्तावेज तैयार कर पंजीयन किया जा रहा है। इससे लोगों को संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने के साथ बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सभी 55 जिलों में जारी है पंजीयन
जिलावार आंकड़ों में छिंदवाड़ा 53,754 रजिस्ट्रियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद राजगढ़ में 45,788, सागर में 39,134, उज्जैन में 38,123, छतरपुर में 37,742, सिवनी में 37,105, बालाघाट में 36,036, नरसिंहपुर में 35,930, जबलपुर में 35,403 और शिवपुरी में 34,608 रजिस्ट्रियां हुई हैं।
डिजिटल तकनीक से आसान हुई प्रक्रिया
योजना में सारा ऐप और संपदा 2.0 के माध्यम से अभिलेखों का सत्यापन और पंजीयन किया जा रहा है। पात्र ग्रामीणों की संपत्तियों का निशुल्क पंजीयन कर उन्हें कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
















