तेहरान, 31 अक्टूबर।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उनके देश पर दोबारा किसी प्रकार का सैन्य हमला किया जाता है, तो इस बार कोई भी 'रेड लाइन' या सीमा आड़े नहीं आएगी और ईरानी सेना आक्रामकों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पिछले संघर्षों के दौरान जर्मन चांसलर ने अमेरिका और इजराइल की बमबारी का समर्थन किया था। अराघची ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऊर्जा संकट के कारण यूरोप को उठाना पड़ा 100 अरब यूरो से अधिक का आर्थिक नुकसान उस भारी जवाबी कार्रवाई के सामने कुछ भी नहीं है, जो ईरान अपनी संप्रूभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए अंजाम दे सकता है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ द्वारा दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान सैन्य समाधान को नाकाफी बताते हुए कूटनीति के जरिए शांति बहाली की अपील के इतर तेहरान ने अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखे हैं। मध्य पूर्व में तनाव की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो पिछले वर्षों में अमेरिका और इजराइल के साथ हुए सिलसिलेवार सैन्य संघर्षों के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए विरोधी ताकतों को कड़ा मुकाबला दिया था। तेहरान का यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है जब रणनीतिक जलमार्गों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर काफी तेज हो गई है।















