एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-IV और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन, एंबुलेंस, अग्निशमन, पुलिस तथा अधिसूचित छूट प्राप्त वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
इसी अवधि में धूल पैदा करने वाली बाहरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के तहत छूट मिलेगी। निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल कार्य धूल नियंत्रण मानकों के पालन के साथ किए जा सकेंगे। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्धारित अपवादों को छोड़कर सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
एक नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो के स्वामित्व और प्रबंधन वाले पार्किंग स्थल इससे मुक्त रहेंगे। एक नवंबर से 31 जनवरी तक सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति होगी। बाकी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था रहेगी। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को छूट मिलेगी। यातायात का दबाव कम करने के लिए नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे।
प्रतिबंधित वाहनों की पहचान प्रवेश मार्गों और अन्य स्थानों पर लगे एएनपीआर कैमरों से की जाएगी। उल्लंघन पर स्वचालित चालान, वाहन जब्ती और अन्य कार्रवाई हो सकती है। निर्माण स्थलों पर नियमों का उल्लंघन मिलने पर काम बंद करने का नोटिस, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, सीलिंग और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एआई-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए प्रवर्तन गतिविधियों की निगरानी होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों, वाहन मालिकों, निर्माण एजेंसियों और संस्थानों से प्रतिबंधों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करने, सार्वजनिक परिवहन और कार-पूलिंग अपनाने, खुले में कचरा न जलाने तथा प्रदूषण संबंधी उल्लंघनों की सूचना संबंधित एजेंसियों को देने का आग्रह किया।
















