मंडला, 31 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उनकी मेहनत और समर्पण से मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को मंडला में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया और किसानों से संवाद कर उनकी सफलता की कहानियां सुनीं। उन्होंने खेती के साथ अन्य कृषि आधारित गतिविधियां अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंडला को ऋषि-मुनियों की तपोभूमि और राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह तथा रानी दुर्गावती के शौर्य से जुड़ी धरती बताया। यहां धान, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मक्का और कोदो-कुटकी का उत्पादन होता है।
सरकार श्रीअन्न और पारंपरिक फसलों को बढ़ावा दे रही है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना के तहत जिले के 424 किसानों को करीब 51 लाख रुपये दिए गए हैं। सिंचित क्षेत्र बढ़कर 85 से 90 हजार हेक्टेयर तक पहुंचा है। दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, मशरूम, मखाना और औषधीय खेती में भी संभावनाएं हैं। जिले के 65 जलाशयों में मत्स्य पालन हो रहा है। 105 समितियों से करीब चार हजार किसानों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत लगभग 66 हजार लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का काम भी जल्द पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसानों से संवाद में राजकुमारी पन्द्रे ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मुर्गी पालन से आय बढ़ाने की जानकारी दी। अमृतलाल ने अनुदान से पशुपालन विस्तार और गोबर गैस संयंत्र के उपयोग के बारे में बताया। सुनील झारिया प्राकृतिक खेती और सब्जी उत्पादन, शैल कुमार मल्टीलेयर फार्मिंग तथा गीता टेकाम प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन और पराली प्रबंधन के अनुभव साझा किए।
















