गुवाहाटी, 31 अक्टूबर।
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे नवाचार, कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राज्यपाल शनिवार को नगांव विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
आचार्य ने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कामकाज से जुड़े कौशल भी हासिल होंगे।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, स्वचालन और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख किया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से पाठ्यक्रमों में समयानुकूल बदलाव करने और प्रशिक्षण सुविधाओं को आधुनिक बनाने का आग्रह किया, ताकि युवा नई तकनीकों के अनुरूप तैयार हो सकें।
राज्यपाल ने जागीरोड की सेमीकंडक्टर परियोजना, धुबड़ी के ताप विद्युत संयंत्र और नामरूप के अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से असम में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
आचार्य ने युवाओं से नवाचार, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल को राज्य के विकास तथा युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
















