चेन्नई, 02 नवंबर।
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ के कारण तमिलनाडु के तटीय जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है। चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों में भीषण वर्षा की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विज्ञानियों ने चक्रवात के संभावित प्रभाव से सावधान रहने की हिदायत दी है। वहीं दूसरी ओर, आपदा प्रबंधन तंत्र ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। चालू उत्तर-पूर्वी मानसून के मौसम में यह दूसरा तूफान है, जिसे ‘मुरसु’ नाम दिया गया है।
वर्तमान में यह तूफान चेन्नई से लगभग 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से तकरीबन 660 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में मौजूद है।
राजस्व प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन आयुक्त चंद्र मोहन ने स्थिति के संदर्भ में बताया कि चक्रवात की दिशा और गति पर लगातार निगाह रखी जा रही है। प्राप्त संकेतों के अनुसार इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है।
आने वाले दिनों में उत्तरी तमिलनाडु के इलाकों में तेज बारिश, तूफानी हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की आशंका व्यक्त की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों से समुद्र तटों तथा तटीय सड़कों की तरफ न जाने, जलभराव वाले स्थानों और अंडरपास से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा घरों में आवश्यक दवाइयां, पीने का पानी, टॉर्च, पावर बैंक और चार्ज मोबाइल रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने लोगों को मकान की छतों और बालकनी में रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर हटाने तथा जल निकासी की नालियों को साफ रखने के लिए भी कहा है।
नागरिकों से कहा गया है कि वे मौसम से जुड़ी हर अपडेट के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए राज्य स्तर पर 1070 और जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। साथ ही लोगों से बिना घबराए सतर्कता बरतने की अपील की गई है।














