भोपाल, 03 नवंबर।
मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल का ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल करीब एक महीने से बंद होने के कारण प्रदेश के हजारों नर्सिंग विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए पंजीयन सहित आवश्यक प्रक्रियाएं ठप होने से नौकरी, उच्च शिक्षा और अस्पतालों में नियुक्ति की तैयारी कर रहे युवाओं के आवेदन अटके हुए हैं।
मध्य प्रदेश एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि गधे के नाम पर पंजीयन प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आने के बाद पोर्टल बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियां दूर करने और सत्यापन व्यवस्था सुधारने के बजाय इसे लंबे समय तक बंद रखने से वास्तविक अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है।
परमार के अनुसार, पंजीयन नौकरी और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी है। पोर्टल बंद होने से नियुक्तियों के अवसर प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने एमपी ऑनलाइन और काउंसिल के बीच पोर्टल संचालन की जिम्मेदारी स्पष्ट करने की बात कही।
एनएसयूआई ने रखीं सात मांगेंसंगठन ने पंजीयन पोर्टल तत्काल शुरू करने, प्रभावित आवेदकों को शुल्क में छूट देने, प्रमाणपत्र प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और तकनीकी सुरक्षा का स्वतंत्र परीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही अनुबंध की समीक्षा, वैकल्पिक व्यवस्था, पोर्टल शुरू करने की निश्चित तारीख और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन जारी करने की मांग की गई है। रवि परमार ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर काउंसिल का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।















