भोपाल, 03 नवंबर।
विद्यार्थियों, किसानों, शोधार्थियों और युवाओं को मशरूम उत्पादन की आधुनिक विधियों, मूल्य संवर्धन और कृषि उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के कृषि विभाग ने मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया। इसका विषय सतत मशरूम उत्पादन, मूल्य संवर्धन और कृषि व्यवसाय विकास रहा।
कार्यक्रम के दौरान जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान और उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत कृषि विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, कौशल विकास, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान को प्रोत्साहित किया जाएगा। वेबिनार में देशभर से करीब 300 विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों, किसानों और कृषि उद्यमियों ने ऑनलाइन भाग लिया।
मुख्य अतिथि वाल्मी की निदेशक सरिता बाला ओम प्रजापति रहीं। पहले तकनीकी सत्र में डॉ. एम. पी. ठाकुर ने मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और कृषि व्यवसाय की संभावनाओं पर जानकारी दी। दूसरे सत्र में डॉ. अखिलेश कुमार पांडेय ने मशरूम के पोषण महत्त्व, जैविक उपयोग और विपणन से जुड़ी संभावनाओं व चुनौतियों पर चर्चा की।
तीसरे सत्र में छिंदवाड़ा के मशरूम उद्यमी देवरत्न उइके ने उत्पादन प्रक्रिया, सामग्री, माध्यम तैयार करने और बीज के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अंतिम सत्र में सफल उत्पादकों ने अपने अनुभव साझा किए और मशरूम को स्वरोजगार तथा आय बढ़ाने का माध्यम बताया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।















