नई दिल्ली, 03 नवंबर।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पहली बार वनडे विश्व कप चैंपियन बनने के ऐतिहासिक क्षण को एक साल पूरा हो गया है। 2 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने विश्व क्रिकेट में नया इतिहास रचा था। इस खास अवसर पर भारतीय खिलाड़ी प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने एक विशेष कार्यक्रम में विश्व कप से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।
प्रतिका रावल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल ही में शतक लगाने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। उन्होंने बताया कि जिस तारीख को उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक बनाया, उसी दिन पिछले साल महिला विश्व कप में भी उन्होंने शतकीय पारी खेली थी।
प्रतिका के अनुसार, मैदान पर बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले टीवी पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप मुकाबले की झलकियां दिखाई जा रही थीं। इसी दौरान तारीख देखकर उन्हें पिछले साल के अपने शतक की याद आई। उन्होंने स्मृति मंधाना और कोच अमोल के साथ इस संयोग पर चर्चा की और उसी दिन फिर शतक लगाने का लक्ष्य बनाया।
प्रतिका ने विश्व कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में लगी चोट के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि मैदान पर गिरने के बाद ही उन्हें चोट की गंभीरता का अंदाजा हो गया था। जांच में फ्रैक्चर की पुष्टि होने के बाद उनका विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के बीच चोटिल होना उनके लिए बेहद निराशाजनक था। हालांकि, भारतीय टीम को सेमीफाइनल और फाइनल में खेलते देखना उनके लिए भावनात्मक और यादगार अनुभव रहा। उन्होंने अपने पिता के साथ होटल के कमरे में बैठकर सेमीफाइनल देखा और टीम की जीत के लिए प्रार्थना की। इस मुश्किल समय में आसपास के लोगों के सहयोग ने उन्हें हौसला दिया।
शेफाली वर्मा ने विश्व कप के दौरान अचानक भारतीय टीम में शामिल किए जाने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह हरियाणा की ओर से घरेलू मुकाबला खेल रही थीं। तभी राष्ट्रीय टीम के प्रबंधक का फोन आया और उन्हें विश्व कप के बाकी मैचों के लिए चयनित होने की जानकारी मिली।
शेफाली ने बताया कि उस समय वह सामाजिक माध्यमों से दूर थीं और विश्व कप के मुकाबलों पर भी ज्यादा ध्यान नहीं दे रही थीं। उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर था। राष्ट्रीय टीम में चयन की खबर उनके लिए अप्रत्याशित थी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल की मेहनत के बाद विश्व कप में खेलने का अवसर मिलना उनके लिए खास था। टीम के साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अभ्यास सत्रों में हिस्सा लेकर उन्होंने खुद को टीम की परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया और अपनी लय हासिल की। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ था।
भारतीय महिला टीम ने 2 नवंबर 2025 को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की पहली वर्षगांठ पर खिलाड़ियों की साझा की गई यादों ने उस गौरवपूर्ण पल को फिर से जीवंत कर दिया।











