अयोध्या, 04 नवंबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया सम्मान दिलाया है। उन्होंने दीपोत्सव को भारत और दुनिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताते हुए कहा कि उनके लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि अयोध्या का दीपोत्सव अब एक अद्भुत सांस्कृतिक रामसेतु बन चुका है। श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित कई देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं के माध्यम से रामकथा प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्कृतियां अयोध्या में आकर रामत्व के भाव में एकाकार हो जाती हैं।
योगी ने कहा कि आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और आकर्षक बना रही है तथा नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले सत्ता में रहे लोगों की सांस्कृतिक प्राथमिकता सैफई महोत्सव में परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी और अयोध्या की विरासत को उचित महत्व नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार के लिए परिवार ही प्रदेश था, लेकिन उनकी सरकार के लिए पूरा प्रदेश परिवार है। इसी विचार के साथ अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव मिला है। उनके अनुसार, दीपोत्सव केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, आधुनिक तकनीक और सनातन विरासत का ऐसा संगम है, जिसकी पहचान दुनिया तक पहुंच रही है।
दीपावली पर सरयू के घाटों में पारंपरिक दीपों के साथ आधुनिक तकनीक का विशेष दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के आयोजन में मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन, लेजर शो और 100 से अधिक कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियां शामिल होंगी। राम की पैड़ी पर 7 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में दीपों की रोशनी को कृत्रिम प्रकाश, तकनीक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जोड़ा जाएगा।
दीपोत्सव-2026 के मुख्य आयोजन में 100 से अधिक भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। कलाकारों की वेशभूषा आयोजन की सांस्कृतिक विषयवस्तु के अनुरूप होगी। कथा, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों के माध्यम से श्रीराम के अयोध्या लौटने की कहानी क्रमवार दिखाई जाएगी।
हिंदी में तैयार पटकथा को नाटकीय रूप देने की जिम्मेदारी प्रसिद्ध या राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त रचनात्मक निर्देशक अथवा पटकथा लेखक के निर्देशन में होगी।















