वाशिंगटन, 04 नवंबर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद दावा किया कि यदि वे स्वयं चुनाव मैदान में होते, तो पार्टी को बड़ी जीत मिलती। कांग्रेस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण के बाद ट्रंप ने अपने सहयोगियों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि वे चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। उनका कहना था कि यदि वे मैदान में होते, तो रिपब्लिकन भारी बहुमत से जीत हासिल करते। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि वे चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों पर राजनीतिक टिप्पणीकार की तरह विश्लेषण करेंगे।
उनकी यह प्रतिक्रिया रिपब्लिकन पार्टी को मध्यावधि चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद आई है। ट्रंप ने परिणाम स्वीकार करने की बात कही, लेकिन उनके बयान से संकेत मिला कि वे अपनी चुनावी अनुपस्थिति को हार की एक वजह मानते हैं।
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करती है, तो वे उसके विधेयकों को वीटो कर देंगे। उन्होंने यह भी माना था कि अमेरिकी संविधान उन्हें तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देता, फिर भी उन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
एक पॉडकास्ट बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि रिपब्लिकन पार्टी के चुनाव हारने की स्थिति में वे हर विधेयक पर वीटो करेंगे। उन्होंने संभावना जताई थी कि लगातार वीटो के बाद डेमोक्रेटिक नेता उनसे समझौते के लिए संपर्क कर सकते हैं।
ट्रंप के मुताबिक, कुछ समय तक विधेयकों को रोकने के बाद डेमोक्रेट्स बातचीत की पहल करेंगे और दोनों पक्ष किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं।















