मुंबई, 04 नवंबर।
महाराष्ट्र में सूखे और ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी के बढ़ते संकट के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने इस साल शिवाजी पार्क में होने वाला दीपोत्सव रद्द कर दिया है। उन्होंने लोगों से दीपावली सादगी से मनाने और आतिशबाजी तथा भव्य सजावट से परहेज करने की अपील की है।
राज ठाकरे ने कहा कि शिवाजी पार्क में हर वर्ष दीपोत्सव धूमधाम से आयोजित होता है। मैदान को रोशनी से सजाया जाता है और आतिशबाजी का आयोजन किया जाता है। इसे देखने मुंबई, ठाणे और राज्य के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस बार सूखे की गंभीर स्थिति के कारण आयोजन करना उचित नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र कठिन दौर से गुजर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गंभीर हो चुकी है और सूखे का असर बढ़ रहा है। ऐसे समय में गांवों में महिलाएं और बच्चे पानी की कमी तथा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसलिए शहरों में बड़े स्तर पर उत्सव मनाने के बजाय उनकी स्थिति को समझना जरूरी है।
राज ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी वर्ष 1972 से अधिक गंभीर सूखे की आशंका जताई है। ऐसे हालात में कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं का उत्सव मनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से ग्रामीण महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया।
उन्होंने आशंका जताई कि सूखे के कारण गांवों से बड़ी संख्या में लोगों का शहरों की ओर पलायन हो सकता है। ऐसे संकट के समय त्योहार के उल्लास में संयम रखना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह काली दिवाली मनाने की अपील नहीं है, बल्कि उत्सव की भव्यता और पटाखों पर नियंत्रण रखने का अनुरोध है।
राज ठाकरे ने लोगों से घरों में दीप और कंदील जलाने, मिठाइयां तथा फराल बांटने और पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाने को कहा। उन्होंने अत्यधिक रोशनी और पटाखों से बचने की अपील की। साथ ही उम्मीद जताई कि अगले वर्ष तक महाराष्ट्र की स्थिति सुधरेगी और राज्य में खुशहाली लौटेगी।
अंत में उन्होंने ईश्वर से राज्य पर आए संकट के जल्द दूर होने और नागरिकों के जीवन में सुख-समृद्धि आने की प्रार्थना की। राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, अपने परिवार और अपनी ओर से राज्य के सभी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।















