वाशिंगटन, 04 नवंबर।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है। मतगणना के शुरुआती रुझानों और परिणामों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस पर फिर नियंत्रण हासिल कर लिया है। प्रतिनिधि सभा की 425 सीटों के लिए हुए चुनाव में डेमोक्रेट्स ने 224 सीटें जीत ली हैं, जबकि रिपब्लिकन को 129 सीटें मिली हैं। डेमोक्रेट्स बहुमत के लिए जरूरी 218 सीटों का आंकड़ा पार कर चुके हैं और कई अन्य सीटों पर उनके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर इस बार चुनाव हुआ। इनमें 33 सीटों पर नियमित छह साल के कार्यकाल के लिए मतदान हुआ, जबकि ओहायो और फ्लोरिडा की दो सीटों पर विशेष चुनाव कराया गया। ये सीटें जेडी वेंस के उपराष्ट्रपति बनने और मार्को रुबियो के विदेश मंत्री नियुक्त होने के बाद खाली हुई थीं। सीनेट की बाकी 65 सीटों पर इस बार मतदान नहीं हुआ, क्योंकि हर दो साल में सदन के लगभग एक-तिहाई सदस्यों का चुनाव होता है।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन के मजबूत माने जाने वाले कई राज्यों में जीत दर्ज कर सात सीटों का फायदा हासिल किया। अब तक के परिणामों में डेमोक्रेट्स की संख्या 53 और रिपब्लिकन की 42 सीटें बताई गई हैं। शेष सीटों के नतीजे आने बाकी हैं।
ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों में बढ़ेगी चुनौती
डेमोक्रेट्स ने उन क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन किया, जहां दो साल पहले रिपब्लिकन पार्टी ने आसानी से जीत हासिल की थी। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में मिली बढ़त से डेमोक्रेट्स को ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में उनकी नीतियों पर अंकुश लगाने की अधिक ताकत मिल सकती है।
ट्रंप ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने की बात कही है। इससे नतीजों को चुनौती देने की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लगा है। एक अन्य साक्षात्कार में उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार को अपने लिए झटका मानने से इनकार किया।















