नई दिल्ली, 24 मार्च।
फार्मास्यूटिकल फॉर्मेशन बनाने वाली कंपनी साई पैरेंटेरल्स लिमिटेड का 408.79 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। निवेशक 27 मार्च तक इस आईपीओ में बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट होगा, जबकि एक अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर 12 बजे तक इस आईपीओ के लिए 988 आवेदनों के माध्यम से दो प्रतिशत सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ।
इस आईपीओ में प्राइस बैंड 372 से 392 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 38 शेयर का है। रिटेल निवेशक कम से कम एक लॉट यानी 38 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए 14,896 रुपये का निवेश करना होगा। अधिकतम 13 लॉट यानी 494 शेयरों के लिए 1,93,648 रुपये का निवेश करना होगा। कुल 1,04,28,288 शेयर जारी किए जाएंगे, जिसमें 72,70,408 नए शेयर (284.79 करोड़ रुपये) और 31,57,880 शेयर ऑफर फॉर सेल (124 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
क्यूआईबी के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत और एनआईआई के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। अरिहंतक कैपिटल मार्केट्स को बुक रनिंग लीड मैनेजर और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन के अनुसार कंपनी की सेहत मजबूत रही है। 2022-23 में शुद्ध लाभ 4.38 करोड़ रुपये, 2023-24 में 8.42 करोड़ और 2024-25 में 14.43 करोड़ रुपये रहा। मौजूदा वित्त वर्ष (अप्रैल–30 सितंबर 2025) में शुद्ध लाभ 7.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की आय भी लगातार बढ़ी। 2022-23 में कुल आय 97.03 करोड़ रुपये, 2023-24 में 155.18 करोड़ और 2024-25 में 163.74 करोड़ रुपये रही। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक आय 89.43 करोड़ रुपये रही।
कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखा गया। 2022-23 में 68.55 करोड़ रुपये, 2023-24 में 118.79 करोड़, 2024-25 में 93.95 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में 76.07 करोड़ रुपये कर्ज रहा।
नेटवर्थ लगातार बढ़ा। 2022-23 में 31.49 करोड़ रुपये, 2023-24 में 76.40 करोड़, 2024-25 में 95.78 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में 209.37 करोड़ रुपये रहा।
रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। 2022-23 में 24.34 करोड़ रुपये, 2023-24 में 61.30 करोड़, 2024-25 में 80.36 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में 188.84 करोड़ रुपये।
ईबीआईटीडीए की बात करें तो 2022-23 में 17.64 करोड़ रुपये, 2023-24 में 31.70 करोड़, 2024-25 में 39.44 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में 16.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।












