चेन्नई, 28 मार्च।
तमिलनाडु में चुनावी जांच के दौरान व्यापारियों पर बढ़ते दबाव को लेकर राज्य के व्यापारी संगठनों ने सख्त रुख अपनाया है। तमिलनाडु व्यापारी संघ के राज्य अध्यक्ष ए.एम. विक्रमराजा ने आरोप लगाया कि चुनावी उड़न दस्तों की जांच के दौरान व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है, जिससे उनका रोजमर्रा का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
नामक्कल में आयोजित व्यापारी महासंघ की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद व्यापारियों से नकद जब्त किया जा रहा है। इसका असर न केवल उनके दैनिक व्यवसाय पर पड़ रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर भी दबाव बन रहा है।
विक्रमराजा ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि व्यापारियों को कम से कम 2 लाख रुपये तक नकद ले जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो 31 मार्च से आंदोलन शुरू होगा। पहले चरण में चेन्नई स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा, इसके बाद जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव और अंततः राज्यव्यापी दुकानों को बंद करने का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारी संगठन हमेशा गैर-राजनीतिक रहते हैं और उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं करना है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक आयोजनों की अनुमति देते समय आम जनता और व्यापारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।












