भोपाल, 19 मार्च।
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइन और एक साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय होने से मजबूत वेदर सिस्टम बना है, जिसका असर अगले 72 घंटे तक बने रहने की संभावना है। बुधवार को राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के करीब 10 जिलों में कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो कहीं बादल छाए रहे। बालाघाट में लगभग एक इंच वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को प्रभावित करेगी। 19 और 20 मार्च को इसका प्रभाव अधिक रहेगा, जबकि 22 मार्च के बाद मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट आई है और कई जिलों में हल्की ठंडक महसूस की गई।
मार्च में इस सीजन की पहली ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विशेषकर सिवनी, मंडला और बालाघाट में दो दिनों तक ओले गिरने के आसार हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। मार्च के पहले पखवाड़े में जहां गर्मी का असर दिखा था, वहीं दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस महीने पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर लगातार तीन दिनों तक रहेगा और प्रदेशभर में अलग-अलग रूप में दिखाई देगा—कहीं बारिश, कहीं तेज हवाएं और कहीं बादल छाए रहेंगे। आगे के मौसम को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है और मार्च के अंतिम सप्ताह से ही गर्म हवाओं का असर शुरू होने की संभावना है।












