नई दिल्ली, 12 मार्च 2026।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को पश्चिमी एयर कमान के तहत फ्रंटलाइन फाइटर बेस से मिग-29 यूपीजी लड़ाकू विमान में अकेले उड़ान भरकर भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया।
एयर चीफ मार्शल सिंह 5,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव रखने वाले बेहद अनुभवी पायलट हैं, जिन्हें प्रायोगिक परीक्षण पायलट और मिग-29 अपग्रेड प्रोजेक्ट में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। उन्होंने मिग-29 यूपीजी को उड़ाते हुए वायु सेना की लड़ाकू क्षमताओं का आकलन किया।
भारतीय वायु सेना ने उन्नत मिग-29 यूपीजी विमानों को श्रीनगर में तैनात किया है। यह तैनाती 2019 में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तानी हवाई हमले के मद्देनजर की गई थी। मिग-29 का तकनीकी जीवन वर्तमान में 40 साल है, जिसे नया जीवन विस्तार देकर 50 साल करने पर विचार किया जा रहा है।
वायु सेना तीन स्क्वाड्रन में लगभग 66 रूसी मूल के मिग-29 विमानों का संचालन करती है। नए एवियोनिक्स, राडार, मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सूट के साथ संशोधन के बाद इन्हें मिग-29 यूपीजी नाम दिया गया। कारगिल युद्ध के दौरान इन विमानों ने मिराज-2000 को एस्कॉर्ट करते हुए उच्च ऊंचाई वाले लक्ष्यों पर हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
2020 में चीन के साथ एलएसी पर तनाव बढ़ने पर मिग-29 को पूर्वी लद्दाख में तैनात किया गया। वायु सेना ने अपने बेड़े से मिग-21 को 62 साल की सेवा के बाद पिछले साल 24 सितंबर को विदा किया था। उस दिन एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मिग-21 में ‘बादल’ फॉर्मेशन में उड़ान भरी थी। आज उन्होंने फिर से फ्रंटलाइन फाइटर बेस से मिग-29 यूपीजी में अकेले उड़ान भरकर पश्चिमी एयर कमान की तैयारियों का मूल्यांकन किया।












