वेलिंगटन, 25 मार्च।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने हॉल ऑफ फेम में पूर्व ऑलराउंडर जेरेमी कोनी और हैडी टिफेन को शामिल किया है। यह पिछले साल घोषित “फर्स्ट इलेवन” के बाद पहली बार नए नाम जोड़े जाने का मौका है।
जेरेमी कोनी ने 1974 से 1987 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 1980 के दशक में न्यूजीलैंड टीम के स्वर्णिम दौर में अहम भूमिका निभाई। उनकी कप्तानी में टीम ने 1985 और 1986 में तीन ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को मात देना शामिल था। कोनी ने 52 टेस्ट मैचों में 2668 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं, जबकि गेंदबाजी में 27 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 88 मैचों में 1874 रन और 54 विकेट हासिल किए। संन्यास के बाद वे सफल कमेंटेटर और प्रस्तुतकर्ता बने।
वहीं, हैडी टिफेन को न्यूजीलैंड की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटरों में गिना जाता है। उन्होंने 1999 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 19 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। टिफेन ने 117 वनडे मैचों में 2919 रन बनाए, जिसमें एक शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं, साथ ही 49 विकेट भी लिए। उन्होंने दो टेस्ट और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को 2009 विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया। संन्यास के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड महिला टीम को कोचिंग भी दी।
टिफेन ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा गौरव है और वह उन दिग्गज खिलाड़ियों के साथ शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रही हैं, जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया।
गौरतलब है कि पिछले साल हॉल ऑफ फेम की शुरुआत के दौरान बर्ट सटक्लिफ, जॉन आर. रीड, जैकी लॉर्ड, ट्रिश मैककेल्वी, ग्लेन टर्नर, सर रिचर्ड हैडली, डेबी हॉकले, मार्टिन क्रो, एमिली ड्रम्म, डेनियल विटोरी और ब्रेंडन मैक्कुलम जैसे दिग्गजों को शामिल किया गया था।
हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के लिए खिलाड़ी का न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करना और कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना जरूरी है। चयन खिलाड़ियों के प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और उनके प्रभाव को ध्यान में रखकर किया जाता है। कोनी और टिफेन को औपचारिक रूप से न्यूजीलैंड क्रिकेट अवॉर्ड्स के दौरान सम्मानित किया जाएगा।












