नई दिल्ली, 27 मार्च।
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सात विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले में सुनवाई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मुख्यालय में कराने की अनुमति दे दी है। ये विदेशी नागरिक भारत आए और उत्तर-पूर्वी राज्य में जातीय समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में एनआईए की जांच के दायरे में हैं। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एनआईए ने कोर्ट से यह सुनवाई मुख्यालय में कराने का अनुरोध किया था।
एनआईए ने बताया कि वह इन सात विदेशियों के संबंध में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर पूरी साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। इन आरोपितों की एनआईए हिरासत 17 मार्च से थी, जो आज समाप्त हो रही थी, जिसके बाद एजेंसी ने सुनवाई स्थान बदलने का आवेदन पेश किया।
कोर्ट ने कहा कि आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं, इसलिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। एनआईए ने बताया कि ये विदेशी नागरिक म्यांमार से अवैध प्रवेश कर मिजोरम के संरक्षित इलाकों में घुसे और स्थानीय जातीय समूहों से संपर्क स्थापित किया। आरोप है कि उन्होंने अवैध हथियार पहुंचाने, जातीय समूहों को प्रशिक्षण देने और ड्रोन संचालन में मदद करने का काम किया।
इन सात आरोपितों में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। एनआईए ने कहा कि ये विदेशी भारत में वीजा पर आए, फिर मिजोरम में प्रवेश किया और म्यांमार में जाकर जातीय युद्ध समूहों से जुड़ गए। आरोप है कि उन्हें वहां प्रशिक्षण दिया गया और इसके बाद वे भारत में सक्रिय विद्रोही समूहों को प्रशिक्षित कर रहे थे। एजेंसी ने बताया कि यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन भी लाई गई थी। इनके खिलाफ यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।












