काठमांडू, 26 अप्रैल
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी किनारे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बसी अवैध बस्तियों के खिलाफ आज से एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच, सरकार ने इन बस्तियों में रह रहे लोगों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत इस स्थान को खाली करें। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के लिए अस्थाई आवास की व्यवस्था की गई है।
पिछले दो दिनों से सरकार इस अभियान के तहत अतिक्रमणकर्ताओं से बस्तियों को खाली कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। कल विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इसके बावजूद, पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए काठमांडू महानगरपालिका के तहत थापाथली और गैह्रीगांव की अवैध बस्तियों को खाली कर दिया। आज मनोहरा बस्ती को खाली करने का कार्यक्रम तय किया गया है।
अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ, सरकार ने बागमती नदी के किनारे रहने वाले वास्तविक सुकुमवासियों की पहचान के लिए 'स्क्रीनिंग' प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। शहरी विकास मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पहले चरण में वास्तविक भूमिहीनों की पहचान की जाएगी और फिर उन्हें दीर्घकालिक आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, सरकार ने इन भूमिहीनों के लिए स्थायी आवास का प्रस्ताव किया है।
सरकार का यह अभियान इस उद्देश्य से चलाया जा रहा है कि वास्तविक सुकुमवासियों की पहचान कर उन्हें एक स्थायी आश्रय दिया जा सके और अतिक्रमण की समस्या से निपटा जा सके। इस अभियान से उन लोगों को राहत मिलेगी जो वर्षो से अस्थिर और असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे थे।





