भोपाल, 09 जून।
राजधानी भोपाल की इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी में हाल ही में हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों का आक्रोश सामने आया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में रहवासी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले करीब चार दशक से यहां निवास कर रहे थे तथा उनके पास वैध सरकारी पट्टे भी मौजूद हैं।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई से पहले वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। उनके अनुसार अचानक हुई कार्रवाई में 55 मकान और 70 दुकानें ध्वस्त कर दी गईं, जिससे 300 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शन के बाद रहवासियों ने महापौर और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल पुनर्वास की मांग की। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में बेघर होने से परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल सरोज मेहरा ने बताया कि मकान के साथ उनकी दुकान भी टूट गई, जिससे परिवार की आय का स्रोत समाप्त हो गया है। उनका कहना है कि दुकान की आमदनी से ही घर का खर्च चलता था, लेकिन अब परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले घर और दुकान के बदले वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बिना किसी पुनर्वास के कार्रवाई कर दी गई।
वहीं ज्योति यादव ने बताया कि उनके परिवार के लिए रहने की स्थिति बेहद कठिन हो गई है। उनके अनुसार पहले यह भरोसा दिया गया था कि नया आवास मिलने के बाद ही पुरानी संरचनाएं हटाई जाएंगी, लेकिन अब परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।
एक अन्य प्रभावित केशव गौर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान घर का सामान सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिला। उनका कहना है कि घरेलू उपयोग की कई वस्तुएं और जरूरी सामान मलबे में दब गए। उन्होंने बताया कि आजीविका और आवास दोनों प्रभावित होने से परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
प्रभावित परिवारों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल राहत और पुनर्वास योजना लागू करने की मांग की है।
रहवासियों ने अपनी मांगों में बेघर परिवारों को तत्काल आवास उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर फ्लैट देने, प्रभावित दुकानदारों को वैकल्पिक दुकानें आवंटित करने, उचित मुआवजा प्रदान करने तथा पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही पुनर्वास होने तक अस्थायी आवास की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।















