कोलकाता, 25 जुलाई।
राजधानी में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान मचे बवाल और पत्रकारों पर हुए हमलों को लेकर विधानसभा के पटल पर बड़ा खुलासा किया गया है। सदन में बोलते हुए शीर्ष नेतृत्व ने चार कुख्यात उपद्रवियों के नाम उजागर करते हुए स्पष्ट किया है कि ये लोग किसी शिक्षण संस्थान से नहीं जुड़े हैं बल्कि सुनियोजित तरीके से दंगा फैलाने आए थे।
प्रशासन की ओर से यह जानकारी दी गई है कि इस पूरी हिंसा के मामले में अब तक सत्तर लोगों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है, जिन पर नकेल कसने के लिए हाल ही में बनाए गए कड़े कानून का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की तरफ से दो टूक कह दिया गया है कि ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनकी कई पीढ़ियां इस सख्त कार्रवाई को याद रखेंगी।
इस सिलसिले में कुल सात प्राथमिकी दर्ज करते हुए तमाम मामलों में सख्त धाराएं जोड़ दी गई हैं। इसके साथ ही तनावपूर्ण हालात के बीच मुस्तैद रहकर कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिस कर्मियों के संयम की सराहना भी की गई है, जिन्होंने भारी उकसावे के बावजूद पूरी सूझबूझ का परिचय दिया।















