आइची-नागोया, 30 सितंबर।
एशियन खेल 2026 की ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत की नीरू धांडा और किनान चेनाई की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 40 में से 34 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया और शीर्ष स्थान हासिल किया।
कतर ने 32 अंकों के साथ रजत पदक अपने नाम किया, वहीं चीन 23 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में यह भारत का एशियन खेल का पहला स्वर्ण पदक है।
नीरू धांडा के लिए यह एशियन खेल 2026 का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता था। इस उपलब्धि के साथ वह इस स्पर्धा में एशियन खेल का व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। व्यक्तिगत फाइनल में नीरू ने 28 निशाने लगाकर एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण हासिल किया था।
नीरू ने 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावी प्रदर्शन किया है। इटली के लोनाटो में हुए आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप की महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। वह इस स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। इससे पहले उन्होंने 2025 एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था।
किनान दारियस चेनाई भारत के अनुभवी ट्रैप निशानेबाजों में शामिल हैं। हैदराबाद में जन्मे किनान ने वर्ष 2003 में निशानेबाजी शुरू की थी। उनके पिता डेरियस चेनाई भी राष्ट्रीय स्तर के ट्रैप निशानेबाज रहे हैं। किनान ने चार बार के ओलंपियन और कोच मंशेर सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया।
किनान ने 2008 राष्ट्रमंडल युवा खेलों में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वर्ष 2016 में उन्होंने भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया और रियो ओलंपिक में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व किया।
2022 हांगझोऊ एशियन खेल में भी किनान ने पदक जीते थे। उन्होंने पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में स्वर्ण और व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। इसके अलावा 2021 आईएसएसएफ विश्व कप में पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा का स्वर्ण भी उनके नाम रहा।
नीरू और किनान की जीत के साथ भारत ने ट्रैप मिश्रित टीम में अपना पहला एशियन खेल स्वर्ण पदक हासिल किया। इस स्वर्ण के बाद भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के कुल पदकों की संख्या 57 हो गई है, जिसमें नौ स्वर्ण, 21 रजत और 27 कांस्य पदक शामिल हैं।













