आइची-नागोया, 30 सितंबर।
भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने एशियन खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीत लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और तनीपर्थी चिकिता की टीम ने बुधवार को फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में अपना एशियन खेल खिताब बरकरार रखा।
भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले चरण में भारत 60-58 से आगे रहा। दूसरे चरण के बाद बढ़त 119-116 और तीसरे चरण के बाद 178-175 हो गई। अंतिम चरण में भारतीय तीरंदाजों ने सटीक निशाने लगाकर चीन को वापसी का अवसर नहीं दिया।
निर्णायक दौर में चिकिता, पृथिका और ज्योति ने लगातार 10-10 अंक हासिल किए। चीन की टीम ने भी अंतिम चरण में तीन बार 10 अंक जुटाए, लेकिन भारतीय टीम की बढ़त पर्याप्त रही और उसने स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
इस जीत के साथ भारत ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया ने 2014 के इंचियोन एशियन खेल में बनाया था। भारतीय टीम ने इससे पहले इस स्पर्धा में 2018 में रजत और 2014 में कांस्य पदक जीता था। लगातार दूसरी बार स्वर्ण जीतकर टीम ने एशियन खेलों में अपनी मजबूत मौजूदगी कायम रखी।
ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय टीम की सबसे अनुभवी सदस्य हैं और 2011 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने 2023 एशियन खेलों में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीते थे। 2023 विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में टीम स्वर्ण और विश्व कप चरणों में 11 स्वर्ण पदक उनके नाम हैं। एशियाई आउटडोर चैंपियनशिप में भी उन्होंने सात स्वर्ण जीते हैं। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें 2017 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
तनीपर्थी चिकिता ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। तेलंगाना की इस तीरंदाज ने 2025 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप में अंडर-21 महिला व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा। वह इस प्रतियोगिता में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
किसान परिवार से आने वाली चिकिता ने पिता की प्रेरणा से दूसरी कक्षा में तीरंदाजी शुरू की थी। 2018 में उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाया और 2021 में पेशेवर स्तर पर कदम रखा। वह 2025 और 2026 विश्व कप में टीम स्पर्धा के दो रजत पदक के साथ एशियन ग्रां प्री में भी कई पदक जीत चुकी हैं।
पृथिका प्रदीप भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी की उभरती खिलाड़ी हैं। उन्होंने पांचवीं कक्षा में शौक के तौर पर तीरंदाजी शुरू की और छठी कक्षा से पेशेवर प्रशिक्षण लेना शुरू किया। 2025 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद वह सात अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं, जिनमें एक स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य शामिल है।
पृथिका के पदकों में 2025 विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप के दो रजत, 2025 और 2026 विश्व कप के दो रजत और एक कांस्य तथा 2025 एशियाई आउटडोर चैंपियनशिप का एक स्वर्ण और एक रजत शामिल है। वह पुणे की स्वराज्य आर्चरी अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं।













