नई दिल्ली, 1 अक्टूबर।
भारत की लंबी कूद एथलीट एंसी सोजन एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने से महज दो सेंटीमीटर दूर रह गईं। लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने वाली एंसी को चीन की यिंगयिंग हुआंग ने 6.55 मीटर की छलांग लगाकर पीछे छोड़ा। चीन की मेंगयी टैन ने 6.46 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता।
बारिश के बीच नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में एंसी ने अच्छी शुरुआत की। हालांकि अंतिम तीन प्रयासों के दौरान उन्हें थकान और फिसलन भरे ट्रैक की चुनौती का सामना करना पड़ा। यही परिस्थितियां मुकाबले के निर्णायक दौर में उनके प्रदर्शन पर असर डालने वाली रहीं।
एंसी ने बताया कि वह बढ़त पर थीं और 6.55 मीटर से आगे निकलने का प्रयास कर रही थीं। उनका लक्ष्य 6.60 मीटर से अधिक की छलांग लगाने का था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने इसे अपना दिन नहीं बताते हुए अपनी किस्मत को स्वीकार करने की बात कही।
एंसी ने कहा कि एशियाई खेलों का रजत पदक इस सत्र में की गई मेहनत का परिणाम है। लंबा सत्र होने के बावजूद उन्होंने काफी कुछ सीखा और आइची-नागोया में अपना पूरा प्रयास किया।
25 वर्षीय एंसी के लिए 2026 शानदार रहा है। साल की शुरुआत उन्होंने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ की। इसके बाद भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना 6.83 मीटर का भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।
एंसी और शैली सिंह के आइची-नागोया में मुकाबले के दौरान विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज भी ट्रैकसाइड मौजूद थीं। एंसी के अनुसार, अंजू ने उनसे मुलाकात कर लैंडिंग बेहतर करने के तरीके बताए और उनका उत्साह बढ़ाया।
एंसी दिसंबर 2021 से टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना की एथलीट हैं। उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी लंबी कूद का रजत पदक जीता था। इस बार उनके प्रदर्शन को देखते हुए स्वर्ण पदक की उम्मीद थी।
मुकाबले की परिस्थितियों को लेकर एंसी ने कहा कि वह चीनी खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती के लिए मानसिक रूप से तैयार थीं। बारिश के बीच उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप रास्ता निकालना पड़ा। भारतीय नौसेना की सदस्य होने के नाते उन्होंने अंत तक लड़ने का संकल्प बनाए रखा।
एंसी ने बताया कि वह दबाव मुक्त थीं, लेकिन अंतिम तीन प्रयासों में उनका शरीर उनका साथ नहीं दे सका। आइची-नागोया में रजत पदक के साथ उन्होंने लगातार दूसरे एशियाई खेलों में लंबी कूद का रजत पदक अपने नाम किया।













