आइची-नागोया, 02 अक्टूबर।
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा और कुमकुम अनिल मोहोद ने एशियाई खेलों की मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। शुक्रवार को फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के झू जिंगयी और ली मेंगची के हाथों 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। इस स्पर्धा में यह भारत का पहला पदक है।
इस परिणाम के साथ भारत मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा से मिलने वाले लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक क्वालिफिकेशन कोटे से भी चूक गया। चीन की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान भी हासिल कर लिया।
फाइनल की शुरुआत चीन ने बेहतर अंदाज में की। तीन संस्करण पुरानी इस स्पर्धा के पहले सेट में चीन ने बढ़त बना ली। भारत को कुमकुम के दूसरे तीर के सात अंक पर लगने से नुकसान हुआ और चीन ने पहला सेट अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी चीनी जोड़ी ने अपना दबदबा बनाए रखा। भारत की ओर से धीरज ही 10 अंक हासिल कर सके, लेकिन चीन ने अपनी बढ़त कायम रखते हुए मुकाबले में स्थिति मजबूत कर ली।
तीसरे सेट में धीरज और कुमकुम ने शानदार वापसी की। दोनों भारतीय तीरंदाजों ने 10-10 अंक जुटाए, वहीं चीन की ली मेंगची का एक तीर सात अंक पर लगा। भारत ने यह सेट जीतकर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया।
भारतीय जोड़ी के पास मुकाबला पलटने का मौका था, लेकिन निर्णायक सेट में चीन ने 37 अंक हासिल कर सेट का स्कोर बराबर कर दिया और शूट-ऑफ की संभावना खत्म हो गई। चीन ने इसके बाद मुकाबला 5-3 से जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया और भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भारत ने जापान की असाकुनो नानामी और नाकानिशी जुन्या की जोड़ी को 5-3 से हराया था। जापान ने मुकाबले में 3-1 की बढ़त बना ली थी, लेकिन धीरज और कुमकुम ने लगातार चार अंक हासिल करते हुए शानदार वापसी की और फाइनल में जगह बनाई।
इससे पहले कुमकुम, अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा की महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस स्पर्धा में यह एशियाई खेलों में भारत का पहला पदक था। यह जीत आइची-नागोया खेलों में भारत का 11वां स्वर्ण पदक रही।
मिश्रित टीम के रजत के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 68 हो गई, जिसमें 11 स्वर्ण, 24 रजत और 33 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर है।
17 वर्षीय कुमकुम शुक्रवार को महिला रिकर्व टीम के स्वर्ण और मिश्रित रिकर्व टीम के रजत, दोनों का हिस्सा रहीं। इस प्रदर्शन के साथ वह इन खेलों में रिकर्व तीरंदाजी में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं।













