आइची-नागोया, 03 अक्टूबर।
भारत की प्रणवी उर्स ने शनिवार को एशियाई खेलों में महिला गोल्फ का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मैसूर में जन्मी प्रणवी अंतिम दौर से पहले 15 अंडर 195 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान पर थीं और सिंगापुर की शैनन शुआन यिन टैन पर उनकी तीन शॉट की बढ़त थी। चीन की रुओनिंग यिन तीसरे स्थान पर थीं।
अंतिम दौर की शुरुआत प्रणवी के लिए चुनौतीपूर्ण रही। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी होने से उनकी बढ़त कम हो गई। इसी दौरान रुओनिंग यिन ने बर्डी हासिल की, वहीं टैन शुरुआती तीन होल में दो बोगी कर बैठीं। इससे चीन की खिलाड़ी स्वर्ण पदक की दौड़ में फिर मजबूत स्थिति में आ गईं।
प्रणवी ने इसके बाद शानदार वापसी की। उन्होंने छठे, 10वें और 13वें होल पर बर्डी हासिल कर बढ़त दोबारा अपने नाम कर ली। इसके बाद उन्होंने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और भारत के लिए महिला गोल्फ का ऐतिहासिक स्वर्ण सुनिश्चित किया।
प्रणवी का जन्म 15 अप्रैल 2003 को हुआ था। उन्होंने महज छह साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। मैसूर के जयचामराजा वाडियार गोल्फ क्लब में अपने पिता और भाई को खेलते देखकर उनकी गोल्फ में रुचि बढ़ी।
जूनियर और एमेच्योर स्तर पर प्रणवी ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2018 में उन्होंने थाईलैंड में सिंगहा विश्व जूनियर चैंपियनशिप और अखिल भारतीय जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप सहित कई प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की।
वर्ष 2020 में पेशेवर गोल्फ में कदम रखने के बाद प्रणवी ने घरेलू महिला पेशेवर गोल्फ सर्किट में अपनी पहचान बनाई। अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय महिला गोल्फ में एक नया इतिहास रच दिया।













