नई दिल्ली, 06 अक्टूबर।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की करिश्माई कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इंस्टाग्राम पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने अपने इस निर्णय की घोषणा की, जिससे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है। साल 2018 से टी20 और 2022 से वनडे तथा टेस्ट प्रारूप में टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत ने महान खिलाड़ी मिताली राज के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि यह फैसला उनके लिए कतई आसान नहीं था, क्योंकि इसमें वर्षों के खट्टे-मीठे अनुभव, कड़े त्याग और अमूल्य भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस खेल और देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया है, जिसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को ताक पर रखकर हमेशा टीम को सर्वोपरि रखना शामिल रहा है ताकि अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिल सके।
उनके नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका को हराकर देश को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताना, रिकॉर्ड चार बार एशिया कप (2012, 2016, 2022 और 2026) का खिताब अपने नाम करना तथा एशियाई खेलों में लगातार दो स्वर्ण पदक (हांगझोऊ 2022 और आइची-नागोया 2026) जीतना मुख्य रूप से शामिल है। इसके अलावा, उनकी कप्तानी में भारत ने 1999 के बाद इंग्लैंड की धरती पर पहली बार वनडे सीरीज जीती, 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट फतह किया और 2025 में इंग्लैंड के विरुद्ध पहली बार टी20 सीरीज पर कब्जा जमाया। वह 150 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाली दुनिया की इकलौती महिला और पुरुष दोनों वर्ग की पहली क्रिकेटर भी बनीं। अपने सफर को विराम देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कप्तानी का अध्याय भले समाप्त हो रहा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम और समर्पण हमेशा की तरह बरकरार रहेगा तथा वह अब सिर्फ खेल के लिए मैदान पर उतरने को उत्सुक हैं।













