31 मार्च 2026, वॉशिंगटन
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई की प्रगति पर अपडेट देते हुए कहा है कि लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल किया जा रहा है और उम्मीद है कि इसे महीनों की बजाय कुछ ही हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद ईरान की एयर फोर्स, नेवी और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है।
रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर अवैध दावे का उदाहरण बनेगा और दुनिया का कोई देश इसे मंजूर नहीं करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने क्षेत्रीय स्तर पर दूतावास, एयरपोर्ट और ऊर्जा सुविधाओं पर हमले किए हैं।
अमेरिका की मुख्य मांगें हैं कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए, वह आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और पड़ोसियों के लिए खतरा बनने वाले हथियार विकसित न करे। रुबियो ने डिप्लोमेसी पर जोर देते हुए कहा कि तेहरान को न्यूक्लियर, मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम छोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
रुबियो ने यह भी बताया कि अमेरिका के ऑपरेशन का मकसद ईरान में शासन परिवर्तन नहीं है, लेकिन अगर वहां नेतृत्व में बदलाव होता है तो वाशिंगटन इसका विरोध नहीं करेगा। उन्होंने नाटो सहयोगियों के एयरस्पेस और बेस एक्सेस न देने पर भी नाराजगी जताई।
वहीं अमेरिका ने यह संकेत दिया कि स्ट्रेट हमेशा खुला रहेगा, चाहे ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून माने या देश मिलकर कार्रवाई करें।








