लंदन, 02 अप्रैल।
ब्रिटेन गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उपायों पर विचार करना है। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की जा रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जलमार्ग की सुरक्षा को अन्य देशों की जिम्मेदारी बताया है।
ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेट कूपर लंदन में दोपहर के समय इस वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात सहित करीब 35 देशों के शामिल होने की संभावना है। इस बैठक में क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी, जबकि अमेरिका इस बैठक में भाग नहीं लेगा।
यह बैठक ट्रंप के उस बयान के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह जलडमरूमध्य स्वाभाविक रूप से खुल सकता है और इसका संचालन उन देशों की जिम्मेदारी है जो इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है, जिसके चलते इसकी बंदी से ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है और दुनिया भर की सरकारें चिंतित हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि बैठक में युद्धविराम के बाद क्षेत्र में नौवहन बहाल करने के लिए सभी कूटनीतिक और राजनीतिक विकल्पों का आकलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी और इसके लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होगी।
प्रारंभ में यूरोपीय देशों ने इस क्षेत्र में अपनी नौसेनाएं भेजने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्हें संघर्ष में उलझने का खतरा था। हालांकि, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के वैश्विक प्रभाव को देखते हुए अब ये देश मिलकर समाधान तलाशने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार की यह बैठक प्रारंभिक चरण की होगी, जिसके बाद आने वाले हफ्तों में सैन्य योजनाकारों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती चरण में जलमार्ग को बारूदी सुरंगों से मुक्त करना प्राथमिकता होगी, जबकि दूसरे चरण में टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
स्टारमर ने कहा कि इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए सैन्य क्षमता और कूटनीतिक प्रयासों का संयुक्त उपयोग आवश्यक होगा, साथ ही शिपिंग उद्योग के साथ समन्वय भी जरूरी रहेगा।
वहीं, ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले देशों को साहस दिखाना चाहिए और स्वयं इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशों को इसे अपने हित में सुरक्षित कर उपयोग करना चाहिए।












