इस्लामाबाद, 03 अप्रैल 2026।
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने देश में आर्थिक और सामाजिक चिंता को बढ़ा दिया है। हालिया घोषणा के अनुसार पेट्रोल अब 458 रुपये और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस फैसले के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी सहित कई राजनीतिक और व्यावसायिक संगठन सख्त प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पार्टी प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने इसे अस्वीकार्य और अन्यायपूर्ण बताया।
परिवहन मालिकों ने भी चेतावनी दी है कि बढ़ती ईंधन लागत के चलते उनका कारोबार बंद होने की आशंका है, जिससे देश की आवाजाही और सप्लाई प्रणाली गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। इस संदर्भ में पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन ने लाहौर में इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर कहा कि यदि कीमतें लगातार बढ़ती रही तो ट्रांसपोर्टरों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा।
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने गुरुवार देर रात पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने पेट्रोल की कीमत में 137.23 रुपये की बढ़ोतरी कर 458.41 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 184.49 रुपये की बढ़ोतरी कर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी। मंत्री ने इसकी वजह मध्य-पूर्व संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा लागत में वृद्धि को बताया।
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने कहा कि इस मूल्य वृद्धि का सबसे अधिक असर कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बाइक चालक, डिलीवरी कर्मचारी, छात्र और दिहाड़ी मजदूर इसका सबसे अधिक नुकसान उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वतंत्र बिजली उत्पादकों को अरबों रुपये दे रही है, लेकिन आम नागरिकों को कोई राहत नहीं मिल रही।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक शफ़ी जान ने भी ईंधन कीमतों को असंगत और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार की दोषपूर्ण आर्थिक नीतियों के कारण पेट्रोल 458 रुपये और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है और जनता का धैर्य अब टूट रहा है।
कराची के ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट अलायंस के प्रेसिडेंट मलिक शहजाद ने कहा कि बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए माल ढुलाई के किराए में 60 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
पाकिस्तान बिजनेस फोरम ने भी सरकार के इस निर्णय पर निराशा व्यक्त की और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ से पेट्रोलियम लेवी को तुरंत समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कारोबारों और आम उपभोक्ताओं पर यह बोझ असहनीय होता जा रहा है।










