तेहरान, 04 अप्रैल 2026।
पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य टकराव के बीच अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में ईरान की प्रमुख सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनकी मिसाइल रक्षा प्रणाली पर व्यापक स्तर पर हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिकी कमांड सेंटर और पैट्रियट सिस्टम से जुड़े कई स्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरानी पक्ष के अनुसार, ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के अंतर्गत इन कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया। बताया गया कि इस दौरान अमेरिकी सैन्य अड्डों, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और इजराइल से संबंधित ठिकानों को लक्ष्य बनाकर हमले किए गए, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें कुवैत के बुबियन द्वीप पर मौजूद अमेरिकी हिमर्स रॉकेट आर्टिलरी बैटरियां, उत्तरी बहरीन में स्थित पैट्रियट मिसाइल प्रणाली, अमेरिकी निर्मित मिसाइल सिस्टम संचालकों के जमावड़े वाले क्षेत्र और संयुक्त अरब अमीरात में तैनात अमेरिकी सैन्य अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों के ठिकाने शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा, यूएई में स्थित एक अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी के ठिकाने को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। साथ ही एक वाणिज्यिक जहाज “एमसीएस इशिका” पर भी प्रोजेक्टाइल के जरिए हमला किए जाने की बात सामने आई है, जो बहरीन के खलीफा बिन सलमान बंदरगाह पर खड़ा था।
ईरानी दावे के अनुसार, इजराइल के तेल अवीव, बनेई बराक, पेताह टिकवा, रामत गान और किर्यात शमोना क्षेत्रों में भी बहु-वॉरहेड मिसाइलों के जरिए लगातार हमले किए गए, जिससे हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।










