भोपाल, 01 जून ।
प्रदेश में सुगम परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत सबसे पहले इंदौर संभाग से बस संचालन शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत इस क्षेत्र में शामिल सभी जिलों के साथ इंदौर स्थित शहरी परिवहन कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसी क्रम में इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जुलाई से शुरू किए जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित कर संचालन व्यवस्था तैयार की गई है, जिनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा शामिल हैं तथा इन क्षेत्रों में पूर्व से संचालित शहरी परिवहन व्यवस्थाओं को भी समायोजित किया गया है।
बैठक में बताया गया कि इंदौर क्षेत्र से तीन श्रेणियों में बस संचालन प्रस्तावित है, जिसमें अंतरजिला इंटरसिटी बसें, शहर के भीतर तथा उपनगरीय क्षेत्रों तक सिटी बसें और समीपवर्ती राज्यों के लिए अंतरराज्यीय बस सेवाएं शामिल हैं, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में रूटों पर संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने के लिए सैकड़ों मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर हजारों बसों के संचालन की योजना है, वहीं इंदौर क्षेत्र में ही बड़ी संख्या में मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी, जिससे परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
इसी प्रकार सिटी बस सेवा के अंतर्गत इंदौर सहित सभी सात क्षेत्रीय मुख्यालयों में बसों का संचालन किया जाएगा, जो शहरों के साथ-साथ आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों तक भी सेवाएं उपलब्ध कराएंगी और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करेंगी।
अंतरराज्यीय मार्गों पर भी महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिसके लिए निर्धारित मार्गों पर अनुबंध आधारित संचालन की व्यवस्था लागू की जाएगी तथा कुल मिलाकर हजारों बसों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि सभी क्षेत्रों में सहायक कंपनियों के माध्यम से बस संचालन किया जाएगा तथा राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के अधीन विभिन्न विभागों का गठन कर प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है, जिसमें मानव संसाधन, नीति, योजना, आईटी और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विभाग शामिल हैं।
साथ ही सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें आवश्यक पदों का सृजन तथा अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और संविदा नियुक्ति की व्यवस्था शामिल है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सुविधा मिल सके।




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