भोपाल, 23 मार्च।
मध्य प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण के अनूठे प्रयास जारी हैं। वन्यजीव अपराधों से जुड़े तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मप्र स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाघ की तस्करी करने वाली यांगचेन लाचुंगपा की दूसरी जमानत याचिका न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने बताया कि मप्र स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली ने 10 साल से फरार अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को 2 दिसंबर, 2025 को भारत-चीन सीमा के पास लाचुंग, मंगन, जिला उत्तर सिक्किम में गिरफ्तार किया था।
जोशी ने बताया कि जुलाई 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ और पेंगोलिन के अवैध शिकार और उनकी हड्डियों व स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें यांगचेन वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिए सौंपा गया।
एसटीएसएफ ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यांगचेन अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका नेटवर्क भारत, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल ने यांगचेन के खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया। वह तिब्बत, चीन की मूल निवासी है और भारत में मुख्य रूप से दिल्ली और सिक्किम में रहती थी।
यांगचेन पहली बार सितंबर 2017 में पकड़ी गई थी, लेकिन अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2019 में उसकी अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया था। अब प्रथम अपर सेशन न्यायालय नर्मदापुरम ने उसकी दूसरी जमानत याचिका एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और अभियोजन पक्ष की दलीलों को देखते हुए निरस्त कर दी।












