तेहरान, 03 अप्रैल 2026।
पश्चिम एशिया में 35 दिनों से जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अपने मध्य हवाई क्षेत्र में अमेरिका के एफ-35 समेत दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है। इससे पहले भी ईरानी सेना ने एक एफ-35 विमान को निशाना बनाया था।
ईरान की प्रेसईडी और तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के जवाब में की है, जिसमें उन्होंने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट करने का दावा किया था। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आईआरजीसी ने कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक अमेरिका के दो एफ-35, एक एफ-18, दो एफ-16 और चार एफ-15 विमानों को मार गिराया गया है। आईआरजीसी के बयान में यह भी कहा गया कि उनके नए विकसित हवाई सुरक्षा तंत्र ने मध्य ईरान में एक स्टेल्थ एफ-35 विमान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिससे पायलट की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी।
इसके अलावा, आईआरजीसी ने क़ेश्म द्वीप के दक्षिण में एक अन्य आधुनिक दुश्मन विमान को निशाना बनाकर फ़ारस की खाड़ी में गिरा दिया। यह हमला वाशिंगटन की बयानबाजी का प्रत्यक्ष जवाब था। आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली नष्ट होने के झूठे दावे के बाद यह कार्रवाई की गई।
पूर्व में 11 मार्च को भी आईआरजीसी ने अमेरिकी एफ-35 विमान को निशाना बनाया था। अमेरिकी मीडिया ने बाद में इसकी पुष्टि की थी, लेकिन पेंटागन लगातार इन नुकसान की घटनाओं को "गलती से हुई गोलीबारी" या "दुर्घटना" के रूप में पेश करता रहा है।











