नई दिल्ली, 06 अप्रैल।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर अमेरिकी पायलट को ईरान से सुरक्षित निकालने वाले सफल ऑपरेशन की सराहना की। ईरान ने अमेरिकी दो फाइटर जेट ए-10 और एफ-15ई को मार गिराया था, जिसमें एक पायलट ईरान में लापता हो गया था। कई घंटों के ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित बचा लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस मिशन की जानकारी ट्रूथ सोशल के माध्यम से साझा की।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को व्यक्तिगत तौर पर मिशन की सफलता और पायलट को बचाने के साहसिक प्रयास के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में इजरायल ने अमेरिका का समर्थन किया, और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सहयोग की सराहना की। पीएम ने कहा, “मुझे गर्व है कि लड़ाई के मैदान में और उसके बाहर हमारा सहयोग अभूतपूर्व रहा और इजरायल अमेरिकी पायलट को बचाने में मदद कर सका।”
वहीं, ईरान ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाए। फिनलैंड स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि यह बहादुरी वाला बचाव था या अमेरिकी असफलताओं को छिपाने की कोशिश, यह सवाल अनुत्तरित रह गया। ईरानी दूतावास ने यह भी कहा कि जिस पायलट को बचाया गया, वह मिशन केवल एक क्रू मेंबर तक सीमित था और इसमें जिस मेहनत और समय का खर्चा हुआ, वह अन्य बड़े अभियानों के बराबर था।
दूतावास ने कहा कि इस ऑपरेशन को लेकर गर्व करना सही नहीं है और लोगों में पहले से ही सेना के काम को लेकर शर्मिंदगी की भावना बनी हुई है।


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