जींद, 16 फ़रवरी।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्तरा ने सोमवार को जींद जिला जेल का निरीक्षण किया। आयोग ने कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मानवाधिकार हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लागू होते हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या जेल में बंद कोई कैदी।
निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल प्रशासन से चर्चा कर नेशनल और स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन की एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों के पालन की जानकारी ली। आयोग ने कैदियों के आवास, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं और फरलो तथा परिवार से मिलने के अधिकार की भी जांच की।
जस्टिस बत्तरा ने जेल की रसोई और अस्पताल का निरीक्षण किया और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर चिकित्सा सुविधा की पुष्टि की। गंभीर बीमारियों के मामलों में कैदियों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की प्रक्रिया भी देखी गई।
अध्यक्ष ने कहा कि जेल केवल सजा का स्थान नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र होना चाहिए। कैदियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उन्हें विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम जैसे कारपेंटरी, सिलाई और तकनीकी ट्रेड्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे जेल से बाहर आकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज से जुड़ सकें।












