हरिद्वार, 18 जून।
उत्तराखंड में अपराधियों और वांछितों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कोतवाली गंगनहर पुलिस टीम ने जानलेवा हमले (हत्या के प्रयास) के एक गंभीर मामले में काफी दिनों से फरार चल रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बीते 11 जून को रामपुर गांव (कोतवाली गंगनहर) के रहने वाले अफजाल पुत्र जमील ने थाने में एक लिखित शिकायती पत्र दिया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि 5-6 अज्ञात युवक हाथों में घातक हथियार और तमंचे लहराते हुए आए और उनके बेटे के दोस्त तथा अन्य साथियों पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित पक्ष को सरेआम जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गंगनहर पुलिस ने तुरंत संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के कड़े निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (एसपी रूरल) और क्षेत्राधिकारी रुड़की की देखरेख में प्रभारी निरीक्षक गंगनहर ने आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। इन टीमों को संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया। इसी बीच मुखबिर से मिली एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए रसूलपुर तिराहे के पास से दोनों वांछित आरोपियों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नदीम (21) पुत्र शमीम, निवासी पुहाना (थाना भगवानपुर, हरिद्वार) और शमशेर (21) पुत्र मुर्तजा, निवासी खाताखेड़ी (थाना झबरेड़ा, हरिद्वार) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों शातिर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज (चालान) दिया गया है। फिलहाल, पुलिस इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।














