रॉटरडैम, 18 जून।
नीदरलैंड की धरती पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए अपने शानदार खेल का लोहा मनवाया है। एफआईएच हॉकी प्रो लीग के रॉटरडैम चरण के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने दुनिया की मौजूदा चैंपियन जर्मनी को 3-1 के अंतर से पटखनी देकर एक यादगार जीत हासिल की है। इस पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम पर अपना दबदबा बनाए रखा।
भारत की इस धमाकेदार फतह में मनदीप सिंह ने 7वें मिनट में, शिलानंद लाकड़ा ने 13वें मिनट में और नीलाकांत शर्मा ने 35वें मिनट में मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। विपक्षी टीम जर्मनी के लिए सांत्वना गोल करने का काम मैच के 45वें मिनट में राफेल हार्टकोफ ने किया, जो उनके लिए नाकाफी साबित हुआ।
यह ऐतिहासिक मुकाबला भारत के दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। वे अब भारत की तरफ से सबसे अधिक इंटरनेशनल मैच खेलने वाले हॉकी स्टार बन गए हैं। मनप्रीत ने पूर्व महान खिलाड़ी दिलीप टिर्की के 412 मैचों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह मनप्रीत सिंह का 413वां अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला था।
मैच के पहले ही क्वार्टर से भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को अपने नियंत्रण में रखा और जर्मन टीम पर दबाव बढ़ा दिया। इसका प्रतिफल खेल के 7वें मिनट में मिला जब मनदीप ने शानदार ढंग से गेंद को नेट में डाल दिया। इसके बाद 13वें मिनट में लाकड़ा ने जर्मन गोलकीपर अलेक्जेंडर स्टैडलर को चमका देते हुए भारत का स्कोर 2-0 कर दिया।
दूसरे क्वार्टर में विपक्षी टीम ने पलटवार के कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय रक्षकों ने उनकी एक न चलने दी। खेल के 24वें मिनट में जर्मनी को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे अमित रोहिदास ने बहुत ही सूझबूझ से नाकाम कर दिया। इसके बाद 27वें मिनट में जर्मनी को एक और मौका मिला, पर इस बार गोलकीपर मोहित दीवार बनकर खड़े हो गए और हाफटाइम तक भारत की दो गोल की बढ़त कायम रही।
तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रामक खेल जारी रहा और 35वें मिनट में नीलाकांत ने एक और गोल दागकर टीम की बढ़त को 3-0 की विशाल ऊंचाई दे दी। अंतिम पलों में जर्मनी के राफेल ने 45वें मिनट में स्कोर 3-1 किया। आखिरी क्वार्टर में भारतीय रक्षकों ने अभेद्य किला तैयार कर विरोधी टीम की हर कोशिश को नाकाम किया और 3-1 से मैच अपनी झोली में डाल लिया।













