भोपाल, 18 जून।
मध्य प्रदेश के निवासियों को मानसून की फुहारों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सूबे में मानसून की दस्तक 22 से 24 जून के दरम्यान होने की उम्मीद है। दरअसल, मानसूनी हवाएं बीते 8 जून से ही देश के पश्चिमी तट पर थमी हुई हैं और अब तक मायानगरी मुंबई तक भी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाई हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो यह पहले महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के रास्तों को पार करते हुए ही मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल होगा।
फिलहाल मानसून के आगमन से पहले प्रदेशवासियों को तीखी धूप और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए कई इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही चालू माह में जून के शुरुआती सत्र की बारिश के आंकड़े बेहद निराशाजनक रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 17 जून के बीच राज्य में अमूमन औसतन 41.6 मिमी यानी तकरीबन 1.6 इंच वर्षा हो जाती है, मगर इस दफा यह आंकड़ा केवल 1 इंच के आसपास ही सिमट कर रह गया है, जो कि सामान्य से करीब 37 फीसदी कम है।
सूबे में सबसे विकट हालात आलीराजपुर जिले के सामने आ रहे हैं, जहां इस पूरी समय अवधि के दौरान वर्षा का खाता तक नहीं खुला है और आंकड़ा पूरी तरह शून्य बना हुआ है। इसके अतिरिक्त दमोह, बड़वानी, बालाघाट, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे जिलों की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां आधे इंच से भी कम यानी 12.5 मिमी से नीचे पानी गिरा है।
इसके उलट, राजधानी भोपाल एकमात्र ऐसा जिला बनकर उभरा है जहां इस दौरान कोटे से ज्यादा पानी बरसा है। भोपाल में अब तक 91.9 मिमी यानी साढ़े 3 इंच से अधिक पानी गिर चुका है। वहीं दूसरी तरफ इंदौर, देवास, गुना, हरदा, आगर-मालवा, बुरहानपुर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी जैसे जिलों में 1 से ढाई इंच के बीच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।
इसी बीच, गुजरे बुधवार को सूबे के कई अंचलों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरने का सिलसिला भी देखा गया। इस दौरान भोपाल और राजगढ़ में आधे इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि इंदौर, बैतूल, गुना और छिंदवाड़ा में बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बौछारें पड़ीं। बादलों के डेरे और रिमझिम फुहारों के चलते कई शहरों में तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। बैतूल में तो पारा एकाएक 10 डिग्री लुढ़ककर 26.5 डिग्री सेल्सियस पर आ टिका।
इसके अलावा पचमढ़ी व शिवपुरी में 34 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.9 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, सागर में 37 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री, धार व श्योपुर में 37.4 डिग्री और मंडला में 37.8 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। राज्य के मुख्य महानगरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 39.3 डिग्री और ग्वालियर में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों ने गुरुवार को छिंदवाड़ा, रतलाम और बालाघाट जिलों के लिए लू यानी हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिलों में तेज आंधी के साथ बौछारें पड़ने के आसार जताए हैं।
इसके साथ ही इंदौर, उज्जैन, भोपाल, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल में तेज गर्मी का असर बदस्तूर जारी रहने की संभावना है।













