देहरादून, 18 जून।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आगमन से ठीक पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सराहनीय पहल की है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान उन्होंने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवालय कर्मचारियों के साथ मिलकर उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देवभूमि के तमाम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए योग को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली और दैनिक दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा जरूर बनाएं।
इस सामूहिक अभ्यास सत्र के उपरांत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नियमित रूप से किया जाने वाला योग न केवल एक निरोगी काया देता है, बल्कि यह एक सुखी और संतुलित जीवन का सबसे मजबूत आधार स्तंभ भी है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व की बदौलत ही भारत की सदियों पुरानी इस प्राचीन योग परंपरा को आज पूरी दुनिया के मंच पर एक नया गौरव, अभूतपूर्व सम्मान और वैश्विक स्वीकार्यता हासिल हुई है। यही वजह है कि आज संपूर्ण विश्व योग को शारीरिक सेहत, मानसिक सुकून और आत्मिक कल्याण के सबसे अचूक और कल्याणकारी माध्यम के रूप में अपना रहा है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि योग का दायरा महज कुछ शारीरिक कसरतों या आसनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानी दिमाग को शांति देने, आत्म-अनुशासन सिखाने, जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण लाने और विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाए रखने का एक बेहद प्रभावशाली जरिया है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति को मानसिक तनाव से दूर रखकर एक नई ऊर्जा, स्फूर्ति और सकारात्मकता के साथ जीने की राह दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने आगामी 21 जून को प्रदेशभर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तमाम बड़े आयोजनों को लेकर राज्य के लोगों से एक खास अनुरोध किया। उन्होंने अपील की कि इस बार के कार्यक्रमों में रिकॉर्ड संख्या में लोग अपनी भागीदारी दर्ज कराएं, ताकि योग के इस पावन संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।














