नई दिल्ली, 18 जून।
दवाओं की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। औषधि नियम, 1945 में बदलाव करते हुए अनुसूची-के से सिरप संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं।
इस संशोधन के बाद खांसी की सिरप समेत अन्य सिरप आधारित दवाओं की बिना पर्ची बिक्री पर रोक लागू हो गई है। अब ऐसी दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से और पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी में ही उपलब्ध होंगी।
नए प्रावधान के तहत किराना दुकानों और गैर-फार्मा प्रतिष्ठानों पर इन दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकेगी। सरकार ने यह कदम सिरप में पाए गए विषैले तत्वों की मिलावट और इसके बढ़ते दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया है।
हालांकि, खांसी से राहत देने वाली गोलियां, टैबलेट और लॉजेंज की बिक्री की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इन्हें पहले की तरह खरीदा जा सकेगा।
माना जा रहा है कि इस निर्णय से ग्रामीण इलाकों में कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और स्वयं दवा लेने की प्रवृत्ति से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिहाज से इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।














