जयपुर, 18 जून।
राजस्थान में लगातार सक्रिय हो रहे एक के बाद एक मौसमी सिस्टम के कारण प्री-मानसून बारिश का दौर पूरी रफ्तार से जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, गुरुवार से मरुधरा में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (मौसम तंत्र) एक्टिव होने जा रहा है। इसके असर से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी अंचलों में तेज धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस नए सिस्टम का असर आगामी 21 जून तक पूरे राज्य में बना रहेगा।
इस लगातार हो रहे बदलाव की वजह से राजस्थान के लोगों को झुलसाने वाली भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। राज्य के अधिकांश जिलों में दिन का अधिकतम पारा लुढ़ककर 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को सूबे के 29 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटों में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली सहित आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। वहीं, उदयपुर के खेरवाड़ा और आस-पास के क्षेत्रों में गुरुवार सुबह करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जिससे पूरा मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिली।
तापमान की बात करें तो सीमावर्ती बाड़मेर में अधिकतम पारा 38 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 38.8 डिग्री, बीकानेर में 38.2 डिग्री और श्रीगंगानगर में 38.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं बुधवार को प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दौसा रहा, जहां सर्वाधिक तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में इस बार मानसून के आगमन में थोड़ी देरी हो सकती है। अमूमन प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास एंट्री लेता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस बार इसके 25 जून के बाद ही दस्तक देने की संभावना है। फिलहाल, दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर वाली शाखा महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों को छूते हुए तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंच गई है, जबकि बंगाल की खाड़ी की शाखा बिहार, झारखंड और ओडिशा के मध्य भागों में सक्रिय है। मानसून को आगे की तरफ बढ़ने में अभी 4 से 5 दिनों का समय और लग सकता है।














