चंबा, 18 जून।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। चुराह विधानसभा क्षेत्र के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर माणी जीरो के समीप बुधवार देर रात एक बोलेरो वाहन करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सातों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
जान गंवाने वालों में चुन्नी लाल (65), देवी लाल (62), बबली देवी (45), मोती राम (50), अनीता कुमारी (20), कुंता देवी (53) और मनोहर लाल (34) शामिल हैं। मृतकों में चुन्नी लाल, देवी लाल और मोती राम आपस में सगे भाई थे। चार पुरुषों और तीन महिलाओं की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार पंचायत कुठेड़ के महल गांव के निवासी एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित धाम से वापस आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद महल गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में मातम का माहौल है।
पुलिस के मुताबिक दुर्घटना रात करीब दो बजे हुई। बताया गया कि बोलेरो अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क छोड़कर गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया।
अंधेरा और दुर्गम ढलान बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बने रहे। बाद में पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सभी शवों को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतकों में अधिकांश एक ही परिवार से जुड़े थे और सभी पंचायत कुठेड़ के महल गांव के निवासी थे।
हादसे की सूचना गुरुवार तड़के पुलिस को मिली, जिसके बाद बचाव और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की गईं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनास्थल पर पर्याप्त सुरक्षा अवरोधक नहीं थे और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होने पर नुकसान की गंभीरता कम हो सकती थी।
उल्लेखनीय है कि चंबा जिले में हाल के महीनों के दौरान कई बड़े सड़क हादसे सामने आ चुके हैं। 29 मई को बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के आठ पर्यटकों की मौत हुई थी। इससे पहले 10 मई को जिले में हुई एक अन्य दुर्घटना में गुजरात के छह पर्यटकों ने जान गंवाई थी। प्रदेश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब एक हजार लोगों की मौत होने का अनुमान है।














