औरैया, 18 जून।
उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार सुबह शेरगढ़ घाट स्थित यमुना तट पर एक भव्य और पावन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन विभाग, जिला गंगा समिति, आयुष विभाग, जिला प्रशासन और प्रख्यात समाजसेवी संस्था ‘एक विचित्र पहल सेवा समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत यमुना मैया की विशेष पूजा-अर्चना और दिव्य महाआरती के साथ हुई, जिसके बाद तट पर ही सामूहिक योगाभ्यास संपन्न कराया गया।
सुबह सात बजे जैसे ही आरती का समय हुआ, होम्योपैथी डीएचएमओ डॉ. परवीन, आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. हरी प्रताप सिंह और सेवा समिति के पदाधिकारियों ने घंटा-घड़ियाल, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यमुना मैया की भव्य आरती उतारी। इस मनोरम दृश्य के बीच घाट पर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना करते हुए यमुना नदी की वंदना की।
महाआरती के समापन के बाद, लखनऊ मिशन द्वारा औरैया जनपद के लिए विशेष रूप से नियुक्त किए गए मास्टर ट्रेनर डॉ. शशि राज सेठ ने योगाभ्यास सत्र की कमान संभाली। उन्होंने विधिवत प्रार्थना मंत्र के साथ उपस्थित जनसमूह को विभिन्न योगासनों, आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस दौरान वहां मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने निरोगी काया के लिए प्रतिदिन योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प (शपथ) भी लिया।
सत्र के दौरान संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर ही कोई भी व्यक्ति शारीरिक और मानसिक विकारों से मुक्त रह सकता है। वहीं, जिला गंगा समिति के सदस्य आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने पर्यावरण और नदी स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नदियों को प्रदूषण मुक्त रखना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था बीते 11 सालों से श्मशान घाट सफाई अभियान और 'जीवनधारा' पौधरोपण अभियान जैसी सामाजिक गतिविधियां लगातार चला रही है। उन्होंने जनता से यमुना में कचरा या धार्मिक अपशिष्ट न फेंकने की भी अपील की।
इस वृहद कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की परियोजना अधिकारी साक्षी शुक्ला, वन विभाग के डिप्टी रेंजर डीएस गौतम, वन क्षेत्राधिकारी अंगद सिंह चंदेल, नगर पालिका के सफाई निरीक्षक आशीष पांडे सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।














