कोलकाता, 18 जून।
तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि उनकी सुरक्षा में लंबे समय से तैनात सरकारी सुरक्षा कर्मियों को हटाकर नए कर्मियों की नियुक्ति की गई है।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सामाजिक माध्यम पर इस विषय में जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, बुधवार शाम धर्मतला से सुभाष मल्लिक स्क्वायर तक आयोजित मार्च के दौरान ममता बनर्जी की सुरक्षा में पुराने पुलिसकर्मी मौजूद थे।
उन्होंने दावा किया कि शाम करीब साढ़े सात बजे उन सुरक्षा कर्मियों को हटाकर उनकी जगह नए कर्मियों को तैनात कर दिया गया। तृणमूल का कहना है कि यह बदलाव कई सवाल खड़े करता है।
डेरेक ओ ब्रायन के अनुसार, हटाए गए सुरक्षा कर्मी लगभग दो दशकों से ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे थे। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है।
इसी बीच, किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के बाहर अस्थायी दृश्य अवरोधक दीवार भी स्थापित की गई है। बताया गया है कि इसका उद्देश्य आवास के भीतर की गतिविधियों को बाहरी नजरों से सुरक्षित रखना है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के आवास की सुरक्षा का दायित्व सुरक्षा निदेशालय के अधीन है। सुरक्षा समीक्षा के बाद ही इस अस्थायी व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, सुरक्षा कर्मियों में बदलाव या दृश्य अवरोधक लगाए जाने के संबंध में राज्य प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए उस पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।














