भोपाल, 24 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने के बाद मौसम धीरे-धीरे ठंडा होने लगा है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आठ दिनों से जारी वर्षा का दौर अब समाप्त हो गया है और अगले चार दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। इस बीच रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में सबसे कम 13 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि कटनी के करौंदी में 13.1, दमोह में 14.5 और शाजापुर में 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की कमी आई है। खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। तापमान में गिरावट के चलते सुबह और देर रात ठंडक बढ़ने लगी है।
शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही। इंदौर संभाग के आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में भी बादल तथा बूंदाबांदी का असर रहा। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में एक नए मौसम तंत्र के प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में दोबारा बारिश हो सकती है। फिलहाल अगले चार दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन महीने के आखिरी दिनों में बारिश और बढ़ती ठंड का असर फिर देखने को मिल सकता है।














