वियना, 30 अक्टूबर।
जर्मन टेनिस स्टार अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वियना ओपन के क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इसके साथ ही उनका विश्व रैंकिंग में नंबर एक पायदान पर पहुंचना पक्का हो गया है। वीरवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने नीदरलैंड के टालोन ग्रिक्सपुर को सीधे सेटों में 6-4, 7-5 से शिकस्त दी।
अगले सप्ताह सोमवार को प्रकाशित होने वाली नई रैंकिंग सूचकांक में वह इटली के धुरंधर यानिक सिनर को पछाड़कर दुनिया के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बन जाएंगे।
नवासी साल के ज्वेरेव इस वर्ष फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन के प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम करने के बाद से बेहद शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। महान बोरिस बेकर के बाद वर्ष 1991 के बाद से विश्व रैंकिंग के शिखर पर पहुंचने वाले वह जर्मनी के दूसरे पुरुष टेनिस खिलाड़ी होंगे। सन 1973 में एटीपी रैंकिंग की शुरुआत होने के बाद से नंबर एक की कुर्सी पर बैठने वाले वह इतिहास के 30वें पुरुष खिलाड़ी बन जाएंगे।
ग्रिक्सपुर के विरुद्ध मुकाबले में ज्वेरेव का प्रदर्शन बेहद आक्रामक और नियंत्रित रहा। उन्होंने लगातार दो सेट जीतकर मैदान मार लिया और मैच का विजयी समापन एक शानदार ऐस लगाकर किया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद कोर्ट पर एक खास आयोजन रखा गया, जिसमें उनकी पूरी टीम के साथ ऑस्ट्रिया के पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी थॉमस मस्टर भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए ज्वेरेव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर पहुंचने का अहसास बेहद अलौकिक होता है। यह भावना किसी आम टूर्नामेंट की खिताबी जीत से कहीं बढ़कर है। उन्होंने बताया कि जब नई रैंकिंग सूची जारी होगी तो अपने नाम के आगे नंबर एक का ताज देखना उनके लिए जीवनभर न भूलने वाला क्षण होगा।
ज्वेरेव ने खुले तौर पर माना कि यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज के चोटिल होने के कारण उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में कुछ सहायता जरूर मिली। सिनर ने घुटने की तकलीफ के चलते अक्टूबर के प्रारंभ में ही अपना मौजूदा सत्र समाप्त करने का निर्णय लिया था। वहीं विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज अल्काराज ने वीरवार को वियना ओपन के एक अन्य मैच में निकोलोज बासिलाश्विली को 6-1, 7-6 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया।
आपको बता दें कि ज्वेरेव इससे पूर्व साल 2022 में फ्रेंच ओपन के दौरान भी नंबर एक बनने के बेहद करीब पहुंच चुके थे, लेकिन राफेल नडाल के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान उनके टखने का लिगामेंट बुरी तरह चोटिल हो गया था। इस गंभीर चोट के कारण उन्हें उस वर्ष के बचे हुए पूरे सत्र से बाहर बैठना पड़ा था।
ज्वेरेव ने अपने इस सफर को याद करते हुए कहा कि इस मुकाम को पाने के लिए उन्हें एक लंबा अरसा इंतजार करना पड़ा है, लेकिन मुकद्दर की सबसे बेहतरीन सौगातों के लिए थोड़ा वक्त तो लगता ही है। अपने इस स्वर्णिम वर्ष के लिए आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मुकाम को हासिल कर बेहद उल्लास और गर्व महसूस कर रहे हैं।











