कोलकाता, 21 मार्च।
ठाकुरनगर का मतुआ मेला केवल आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का जीवंत उत्सव है। इस वर्ष पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने मेले के सुचारू संचालन और सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। मेला मतुआ समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित है, जिसकी शुरुआत 1860 के दशक में वर्तमान बांग्लादेश में हुई थी। हर साल हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान और अनुष्ठानों में भाग लेने ठाकुरनगर आते हैं, जिससे मेले का वातावरण आस्था और भावनाओं से भर जाता है।
पूर्व रेलवे ने मेले के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए विशेष योजनाएं बनाई। पांच अतिरिक्त मेल/एक्सप्रेस और 28 अतिरिक्त ईएमयू ट्रेनों का संचालन किया गया, साथ ही उपनगरीय ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाकर लगभग 60 हजार श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की गई। ठाकुरनगर रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन के लिए विशेष टिकटिंग व्यवस्था की गई, आधुनिक हैंडहेल्ड सिस्टम से सेवा तेज हुई और प्रतीक्षा समय कम किया गया।
मेला अवधि में स्टेशन और आसपास पर्याप्त रोशनी, निरंतर बिजली आपूर्ति, मजबूत सुरक्षा इंतजाम और मेडिकल बूथ की व्यवस्था की गई। सियालदह मंडल ने समन्वित प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव कराया। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की और मंडल ने टीम की प्रतिबद्धता और प्रदर्शन पर गर्व जताया।












